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May Purnima 2025: जानिए तिथि, महत्व, पूजा विधि और खास बातें और जानें इस शुभ दिन का आध्यात्मिक महत्व

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May Purnima 2025: यानी वैशाख पूर्णिमा 12 मई को मनाई जाएगी। जानिए इसका धार्मिक महत्व, व्रत विधि, बौद्ध पूर्णिमा की भूमिका और इससे जुड़े पुण्य कार्यों के बारे में।

May Purnima 2025
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जैसा किया आप सभी जानते हैं की भारत त्योहारों और आध्यात्मिक आयोजनों का देश है। यहाँ हर माह की पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है, और मई की पूर्णिमा (May Purnima) भी इससे अलग नहीं है। वर्ष 2025 में मई पूर्णिमा एक खास अवसर बनकर आ रही है, जो धार्मिक आस्था, परंपरा और प्रकृति से जुड़ी हुई है। इस दिन का महत्व हिन्दू धर्म, बौद्ध धर्म और अन्य कई आध्यात्मिक पंथों में अत्यधिक है। आइए विस्तार से जानें मई पूर्णिमा 2025 की तिथि, महत्व और इससे जुड़े विभिन्न अनुष्ठानों के बारे में।

May Purnima 2025 की तिथि और समय

इस वर्ष 2025 में मई पूर्णिमा का पर्व 12 मई 2025 को मनाया जाएगा।

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ 11 मई 2025रात 11:14 pm बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त12 मई 2025रात 9:16 pm बजे

इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण रूप में आकाश में चमकता है और रात्रि को एक अद्भुत सौंदर्य प्रदान करता है। इसे “वैशाख पूर्णिमा” भी कहा जाता है, क्योंकि यह वैशाख माह की पूर्णिमा होती है।

मई पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

हिन्दू धर्म में महत्व

Vaishakh Purnima 2025 हिन्दू पंचांग के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है। यह दिन दान, स्नान और पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन गंगा नदी या किसी भी पवित्र जलधारा में स्नान करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही, विशेष रूप से भगवान विष्णु और भगवान बुद्ध की पूजा का विधान भी है।

अपको बता दे की इस दिन दान करने का भी बड़ा महत्व है। अन्न, वस्त्र, जल से भरे कलश, छाता, चप्पल और शीतल पेय पदार्थों का दान करने से व्यक्ति को पुण्य लाभ प्राप्त होता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

बौद्ध धर्म में महत्व

Buddha Purnima 2025 बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए वैशाख पूर्णिमा (जिसे “बुद्ध पूर्णिमा” भी कहते हैं) सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण तीनों घटनाएँ हुई थीं। इसलिए यह दिन बौद्ध समुदाय के लिए अत्यंत पवित्र और पूजनीय है। सभी बौद्ध अनुयायी इस दिन विशेष पूजा-अर्चना करते हैं, धम्म प्रवचन सुनते हैं और करुणा, दया व अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प भी लेते हैं।

बौद्ध धर्म में महत्व

मई पूर्णिमा के प्रमुख अनुष्ठान

1. पवित्र स्नान: May full moon 2025 सूर्योदय से पहले किसी नदी, तालाब या जलाशय में स्नान करना शुभ माना जाता है। स्नान के बाद भगवान विष्णु और भगवान बुद्ध की पूजा की जाती है।’

2. दान और सेवा कार्य: पूर्णिमा स्नान और दान अपको बता दें की इस दिन अन्न, वस्त्र, धन, शीतल पेय आदि का दान करना पुण्यकारी माना जाता है। कई लोग इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों के बीच सेवा कार्य भी करते हैं।

3. व्रत और उपवास: Purnima Vrat May 2025 वही पर बहुत से अनेक भक्त इस दिन व्रत भी रखते हैं और पूरे दिन सात्विक भोजन करते हैं। व्रत के साथ पूजा-पाठ और कथा वाचन का भी आयोजन करते हैं।

4. ध्यान और साधना: सबसे महत्वपूर्ण बात पूर्णिमा के दिन ध्यान और साधना करना अत्यंत फलदायी होता है। सकारात्मक ऊर्जा और आंतरिक शांति की प्राप्ति के लिए यह आदर्श समय माना जाता है।

5. बुद्ध मंदिरों में विशेष आयोजन: इस दिन बौद्ध विहारों और मंदिरों में विशेष कार्यक्रम होते हैं। दीप प्रज्वलन, बुद्ध वंदना, धम्म पाठ और सांस्कृतिक आयोजनों द्वारा बुद्ध पूर्णिमा का भव्य उत्सव मनाया जाता है।

मई पूर्णिमा से जुड़े रोचक तथ्य

  • केवल भारत ही नहीं, श्रीलंका, थाईलैंड, म्यांमार, नेपाल और अन्य कई देशों में बुद्ध पूर्णिमा बड़े धूमधाम से मनाई जाती है।
  • इस दिन कई जगहों पर भंडारे और फ्री चिकित्सा शिविरों का आयोजन भी होता है।
  • वैशाख पूर्णिमा को ही सत्यनारायण व्रत कथा का विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिन लोग भगवान विष्णु के सत्यनारायण रूप की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
  • वैशाख माह को भगवान विष्णु का प्रिय महीना माना गया है, और पूर्णिमा का दिन उनके आशीर्वाद को प्राप्त करने का सर्वोत्तम अवसर होता है।

निष्कर्ष

मई पूर्णिमा 2025 एक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व का पर्व है। यह न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का समय है बल्कि स्वयं को आंतरिक रूप से शुद्ध करने और मानवता की सेवा करने का भी अवसर प्रदान करता है। इस दिन ध्यान, दान और भक्ति के मार्ग पर चलकर हम न केवल अपने जीवन को धन्य बना सकते हैं, बल्कि समाज में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकते हैं।

🙏तो आइए इस वैशाख पूर्णिमा पर हम सभी प्रार्थना करें कि समस्त संसार में शांति, प्रेम और करुणा का विस्तार हो।🙏

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Pawan Kushwaha

Hello, I am Pawan Kushwaha - started my blogging career in December 2023 and today my work on NewsGery.com is to share with you information related to Education, Automobile and Technology.

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