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June 2025 की पूर्णिमा कब है? महत्व, व्रत विधि और ज्योतिषीय लाभ

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June 2025: जून 2025 की पूर्णिमा, ज्येष्ठ पूर्णिमा 2025, पूर्णिमा व्रत, पूर्णिमा कब है, पूर्णिमा का महत्व, पूर्णिमा व्रत विधि, चंद्रमा पूजा

June 2025
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जैसा किया आप सभी जानते हैं की भारत त्योहारों और आध्यात्मिक आयोजनों का देश है। यहाँ हर माह की पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है, और जून की पूर्णिमा (June Purnima) भी इससे अलग नहीं है। वर्ष 2025 में जून पूर्णिमा एक खास अवसर बनकर आ रही है, जो धार्मिक आस्था, परंपरा और प्रकृति से जुड़ी हुई है। इस दिन का महत्व हिन्दू धर्म और भी अन्य कई आध्यात्मिक पंथों में अत्यधिक है। आइए विस्तार से जानें जून पूर्णिमा 2025 की तिथि, महत्व और इससे जुड़े विभिन्न अनुष्ठानों के बारे में।

June 2025 की पूर्णिमा कब है?

June 2025 हिंदू पंचांग के अनुसार, जून 2025 की पूर्णिमा तिथि 11 जून 2025 (बुधवार) को पड़ रही है। इसे ज्येष्ठ पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

  • पूर्णिमा तिथि शुरू: 10 जून 2025, रात 09:32 बजे
  • पूर्णिमा तिथि समाप्त: 11 जून 2025, रात 11:58 बजे

यह तिथि धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन मानी जाती है और व्रत, दान तथा चंद्र दर्शन के लिए उपयुक्त है।

पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

1. ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत 2025

इस दिन विशेष रूप से वट सावित्री व्रत का आयोजन होता है। महिलाएं वट वृक्ष (बरगद) की पूजा कर अपने पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

2. गंगा दशहरा 2025

इस पूर्णिमा पर गंगा दशहरा भी मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन माँ गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं। इसलिए गंगा में स्नान कर पापों से मुक्ति का महत्व बताया गया है।

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से पूर्णिमा

June 2025 की पूर्णिमा को चंद्रमा वृश्चिक राशि में होगा। यह दिन:

  • मानसिक शांति
  • ध्यान एवं साधना
  • आध्यात्मिक उन्नति
  • चंद्र दोष निवारण

के लिए बेहद उपयुक्त है।

उपाय: June 2025 की पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को कच्चे दूध और शहद से अर्घ्य देना अत्यंत लाभकारी होता है।

पूर्णिमा व्रत विधि (Step-by-Step)

अगर आप जून 2025 की पूर्णिमा पर व्रत करना चाहते हैं, तो निम्न विधि अपनाएं:

  1. प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
  2. फिर उसके बाद भगवान विष्णु और चंद्र देव का स्मरण करें।
  3. किसि भी व्रत को करने के लिए सबसे पहले व्रत का संकल्प लेना बहुत ही जरूरी होता हैं। अतः आप व्रत का संकल्प लें (फलाहार या एक समय भोजन)।
  4. दिन भर व्रत रखने के बाद शाम को तुलसी पत्र, चावल, फूल व दीप से पूजा करें।
  5. और फिर रात को चंद्र दर्शन कर अर्घ्य अर्पण करें।
  6. ब्राह्मणों या ज़रूरतमंदों को दान अवश्य दें।
पूर्णिमा व्रत विधि (Step-by-Step)

आध्यात्मिक लाभ

June 2025 पूर्णिमा की रात ध्यान, जप और साधना के लिए बेहद शक्तिशाली मानी जाती है। चंद्रमा की रोशनी से मन की एकाग्रता बढ़ती है।

  • ध्यान करने से आपके सभी प्रकार के नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
  • इस दिन “ॐ चंद्राय नमः” मंत्र का जप विशेष फलदायक होता हैं।

सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व

भारत के कई हिस्सों में इस दिन मेले भी लगते हैं, भजन-कीर्तन, कथा वाचन और सामूहिक पूजन का आयोजन भी होता है। यह पर्व सामाजिक सौहार्द और पारिवारिक बंधनों को भी मजबूत करता है।

निष्कर्ष

June 2025 ज्येष्ठ पूर्णिमा यानी 11 जून का दिन धार्मिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय रूप से अत्यंत शुभ है। इस दिन पूजा, व्रत, ध्यान और दान-पुण्य करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

सुझाव

  • इस दिन गंगा जल से स्नान या छिड़काव करें।
  • जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन दान करें।
  • रात को चंद्रमा को अर्घ्य देकर मनोकामना मांगे।
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Pawan Kushwaha

Hello, I am Pawan Kushwaha - started my blogging career in December 2023 and today my work on NewsGery.com is to share with you information related to Education, Automobile and Technology.

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