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Earthquake भूकंप: जाने क्या हैं धरती के हलचल का रहस्य और इससे बचाव के 5 प्रमुख उपाय

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Earthquake: अपको बता दे की भूकंप एक प्राकृतिक आपदा है, जो तब आती है जब पृथ्वी की सतह के नीचे की ऊर्जा अचानक मुक्त होती हैं, जिससे धरती हिलने लगती है। यह कंपन कुछ सेकंड से लेकर कई मिनटों तक महसूस किया जा सकता है। कई बार इसी कंपन के कारण बहुत से इलाको में भारी नुकसान भी हो जाता हैं।

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भूकंप क्या है?

भूकंप (Earthquake) वह प्रक्रिया है जिसमें पृथ्वी की सतह के नीचे स्थित टेक्टोनिक प्लेटें हिलती हैं और अचानक झटके उत्पन्न होते हैं। यह कंपन भूकंपीय तरंगों के रूप में फैलता है और इस कंपन को सिस्मोग्राफ की मदद से मापा जाता है।

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Earthquake भूकंप क्यों आते हैं?

अपको बता दे की भूकंप (Earthquake) आने के कई कारण हो सकते हैं जिसे आप नीचे देख सकते हैं।

  1. टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल: पृथ्वी की सतह कई टेक्टोनिक प्लेटों से बनी होती है, जो लगातार हिलती रहती हैं। जब ये प्लेटें टकराती हैं, अलग होती हैं या आपस में रगड़ती हैं, तो भूकंप आता है।
  2. ज्वालामुखी विस्फोट: ज्वालामुखी के फटने से भी भूकंप आ सकता है, क्योंकि इसके दौरान बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है।
  3. मानवजनित गतिविधियाँ: खनन, जलाशयों में पानी का अत्यधिक दबाव और परमाणु परीक्षण भी भूकंप का कारण बन सकते हैं।
  4. भूपर्पटी में टूट-फूट: जब पृथ्वी की सतह के नीचे अत्यधिक तनाव उत्पन्न होता है, तो चट्टानें टूट जाती हैं और इससे भूकंप उत्पन्न होता है।
  5. उल्का पिंड का टकराना: आए दिनों कई सारे उल्कापिंड हमरे ग्रह धरती पर गिरते रहते हैं। जिनमें से कई सारे उल्कापिंड छोटे होते हैं जिसकी वजह से दहरती पर कोई खास प्रभाव नहीं परत हैं, लेकिन वही पर जब कोई एक बड़ा उल्कापिंड हमरे धरती से टकराता तब उसकी टकराने की ऊर्जा से धरती में भूकंप आने की संभावना बड़ जाता हैं।
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भूकंप की तीव्रता कैसे मापी जाती है?

भूकंप (Earthquake) की तीव्रता को रिक्टर स्केल और मोमेंट मैग्नीट्यूड स्केल (Mw) के माध्यम से मापा जाता हैं।

रिक्टर स्केल: रिक्टर स्केल में भूकंप की तीव्रता 1 से 10 तक मापी जाती है। 3 से कम तीव्रता के भूकंप हल्के होते हैं, जबकि 7 या अधिक तीव्रता के भूकंप विनाशकारी हो सकते हैं।

मोमेंट मैग्नीट्यूड स्केल (Mw): यह एक अच्छा मापक होता हैं जो अधिक सटीक माप प्रदान करता है और वैज्ञानिकों द्वारा व्यापक रूप से इसे उपयोग किया जाता है।

भूकंप से बचाव के उपाय

भूकंप से बचाव के उपाय

वैसे तो भूकंप (Earthquake) धरती पर आते हैं तो इसमे सभी धरतीवासि भूकंप से बचाव के लिए धरती से बाहर तो नहीं जा सकते, लेकिन कुछ प्रमुख उपाय जरूर कर सकते हैं।

  • मजबूत इमारत: ये संभव नहीं हैं लेकिन फिर एक मजबूत इमारतों का निर्माण करें जो कुछ हद तक भूकंप को रोक सकें।
  • खुला स्थान: भूकंप के दौरान आप खुले स्थान पर जाएं और किसी सुरक्षित स्थान पर शरण लें। यदि शरण न मिले तो आप खुले स्थान में ही रहे जहां पर पेड़-पौधे और घर की दिवरे आप तक न पहुचे।
  • टेबल या मजबूत फर्नीचर: यदि आप भूकंप आने के दौरान अपने घर से बाहर नहीं निकाल पा रहे हैं तो उस स्थिति में आप एक मजबूत टेबल या किसी मजबूत फर्नीचर के नीचे छिपकर खुद को सुरक्षित रखें।
  • लिफ्ट का उपयोग: अक्सर बड़े-बड़े शहरों के लोंग जिनकी घर उचे-उचे बिल्डिंग में हैं वो लोंग भूकंप की स्थिति में लिफ्ट का उपयोग करते हैं। लेकिन यह एक बहुत बड़ा हादसा हो सकता हैं भूकंप के दौरान लिफ्ट की तार(Wire) टूट सकती हैं। इसीलिए आप भूकंप के दौरान लिफ्ट का उपयोग ना करें।
  • आपातकालीन किट तैयार: आप सभी अपने घरों में एक आपातकालीन किट तैयार रखें, जिसमें आपके जरूरत के हिसाब से भोजन, पानी, दवाईयां और टॉर्च शामिल हों।
निष्कर्ष

देखिए भूकंप (Earthquake) एक खतरनाक प्राकृतिक आपदा हो सकती है, लेकिन सही जानकारी और सतर्कता अपनाकर इसके प्रभावों को कम किया जा सकता हैं। भूकंप के कारणों को समझना और उससे बचाव के उपाय अपनाना हमारी सुरक्षा के लिए अति आवश्यक हैं।

Pawan Kushwaha

Hello, I am Pawan Kushwaha - started my blogging career in December 2023 and today my work on NewsGery.com is to share with you information related to Education, Automobile and Technology.

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